ज्योतिष में राहु ग्रह

  • Home    >
  • ज्योतिष में राहु ग्रह

ज्योतिष में ग्रहों का महत्वपूर्ण स्थान है।सात ग्रह- सूर्य, चंद्र, मंगल , बुध, बृहस्पति ग्रह, शुक्र ग्रह,शनि ग्रह व दो छाया ग्रह राहु ग्रह व केतु ....


यह छाया ग्रह माना जाता है। यह एक कृष्णवर्ण का ग्रह है। यह जिस स्थान पर बैठता है वहां की उन्नति को रोक देता है। इसकी अपनी कोई राशि नहीं होती ना ही यह किसी राशि में उच्च व नीच का माना जाता है।

कुछ विद्वानों ने राहु को कन्या राशि का स्वामी माना है अतः यदि राहु कन्या राशि में स्थित हो तो उसे स्वगृही कहा जाता है।

राहु ग्रह जिस किसी अन्य ग्रह के साथ युति व दृष्टि में होता है उसी के अनुसार फल प्रदान करता है। राहु एक धीरे चलने वाला ग्रह है इसे एक राशि पार करने में लगभग 18 महीने लगते हैं।

सूर्य या चंद्र के साथ स्थित होने पर जातक की कुंडली में राहु ग्रहण का निर्माण करता है। जो कि अच्छा नहीं माना जाता, यह एक दुर्योग है। सारांश में राहु को एक अशुभ ग्रह माना गया है।

 

राहु के शुभ-अशुभ प्रभाव

यह शुभ ग्रहों और योग कारक ग्रह के साथ होता है तो शुभ फल देता है। यहां तक कि यदि शुभ ग्रहों से प्रभावित होकर राहु आपकी कुंडली में कालसर्प योग भी बनाता है तब भी राहु अपनी दशा अंतर्दशा में बहुत शुभ फल प्रदान करता है। यदि खराब ग्रहों के साथ संबंध बनाता है तो खराब फल देता है। अशुभ ग्रहों के साथ संबंध बनाकर राहु जिस किसी भाव में भी बैठता है उस भाव से संबंधित फलों में कमी करता है क्योंकि राहु एक छाया ग्रह है। कुंडली में इसका अच्छा या बुरा होना इस पर पड़ने वाली दृष्टि व युति पर निर्भर करता है।


अच्छे व बुरे राहु के क्या लक्षण


यदि आपकी कुंडली में राहु 3,6 10,11 उपचय भावो में बैठा है तो अच्छा होता है। ऐसा राहु आपको खराब फल प्रदान नहीं करता। ऐसे लोगों की कल्पना शक्ति बहुत अच्छी होती है। कोई भी काम भविष्य के बारे में सोच समझकर करते हैं।


यदि राहु योग कारक गृहो के प्रभाव मे है तो जिंदगी एशो आराम से भरपूर बनाता है। राहु अच्छा होने से जातक स्फूर्तिवान होता है। यदि राहु 3, 6, 10, 11 भाव में बैठकर राजयोग देता है। यह जातक को राजनीति के क्षेत्र में सफलता दिलाता है। कंप्यूटर की लाइन में सफलता दिलाता है। यह सभी अच्छे राहु के लक्षण है।


अशुभ राहु के प्रभाव 


यदि आपकी कुंडली में राहु खराब स्थिति में है तो यह बहुत ही नुकसान पहुंचाता है। खराब राहु वाले जातक के जीवन में बहुत सी रुकावटें आती है। खराब राहु जातक को बहुत भ्रमित करता है। कोई भी फैसला लेने मे काफी देर लगाता है। उसे खुद पर विश्वास भी नहीं होता है। राहु खराब वाला जातक किसी ना किसी गलत संगत में पड़कर ऐसा कोई कार्य कर बैठता है जिसके कारण उसे अपना घर छोड़ना पड़ सकता है। यदि खराब राहु जातक की कुंडली में पंचम भाव से संबंध बनाता है तो अपनी दशा अंतर दशा में संतान सुख से वंचित रखता है। इसके अलावा खराब राहु यदि अष्टम भाव से संबंध बनाता है तो जातक के एक्सीडेंट बहुत होते हैं। खराब राहु युति बारहवें भाव से संबंध बनाता है तो जातक को जेल तक पहुंचा सकता है।


इन सभी कारणों से राहु बहुत ही घातक सिद्ध होता है। इनका उपाय किया जाना बहुत आवश्यक है ताकि खराब राहु के परिणामों से बचा जा सके।


राहु से संबंधित उपाय


1.    रात को अपने सिरहाने एक मुट्ठी सतनाजा रखें और सुबह पक्षियों को डाले।
2.    राहु यदि कुंडली में ज्यादा खराब है तो  एक मुट्ठी जौ रोजाना दूध के साथ धोकर पानी में बहाएं।
3.    यदि राहु व गुरु कुंडली में एक साथ होकर गुरु को खराब कर रहा है तो राहु की वजह से बदनामी बहुत मिलती है। तो अपने वजन के बराबर जौ या कोयला पानी में बहाएं।
4.    यदि कुछ लोग खराब राहु के कारण गलत लत में पड़ गए हैं तो नाभि ,जुबान ,माथे पर केसर का तिलक लगाएं।

Acharya Rakhi For more detail contact one of Best Astrologer 9810105727